পাতা:কবিরঞ্জন রামপ্রসাদ সেনের গ্রন্থাবলী.djvu/১১

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حمد ، السفسنحسسة ३िश्नांभूगह । * रिश नॉरकक कर भाव बाण चव चtर शाबइन रtत्र चks tत्रjलाभ वैrड़क रूहह रिजक बाश्कि काणज्य । भरकrछ tवैहक gजड़ भूीक बाण तृक बूदा किया * थर्दै छटन दांडविt fरूदा कदृष्ट शिखिशिथि क्छ केि बीच दूड हो*श्व खेलब हभच g श्श् िगभङ्ग नङ्ग" tुकू ! *द-नस्य त्र:कौडूक कांश इ"को अक्ट्रेक अरु बि कृग्वाि সাথে ভাণ্ডস্বাগঞ্জ कबध्रि इ५ अहिं लावा । ৰাজাগীদ্ধে রেখে হেন ভেড়া ॥ ८{{***घक इहीं अकौर्डन कtष छtदी अभदौ tणांच्चाड बाइ frqn prete stri <रू बू:क नशिद्ध tरूबा काषी ॥ गहिंदी अनैौइ श्रृंड़कड । *श्श ***ं व!श्; गर-ा पूर्वका नाक हेड अच्;ङ्क छत्र थान दूइशृङ्ग ऋदाझा मक्ष जत्मक । :जदन बाशर डूबा दक् । डब्लङझ डून ह* থাপিছা মানস্কেপ ফুৰি মোগলৰট है*शब्लौ cबईौकट्टेो ধীন মঞ্জি সে ক্ষেণে অনেক ৫ भाषाड़ फें★tइ १ई:* *ाश्रृं ? •', छाश शृस्.एाऽ॥ भtaश्ो बाष्री शa कङ्ग यहि ड्रङ्काछड़ *riदिक्ल-क्ले९कछ-कैदानैो ? नकदइ अथइ c१अ बांध ? vrtin it fatsts stih बिच प;श्व इङ्गि ६झाङ्ग बोकक्दिा कवि चाँचिन ॐजॉश हाँथि g * थांत्रबब दिw.थछिलावैौ ॥ . ईरह शकैबरक किरड चाधड़चि ॥ (श्चात्र 'ई 'श्। . अडिषि नौश्। माहे प्रकाबङण माझ् भाझा केिज 4थमछ नहीं अचकारी दकि वtनझइ ॥ *ठ *रङ क३tइ अबॉख * ¢**tदशाँ कीं★इझa फ़्च्-छरिशष्ट-sाश्च ८रू*ि श्मश माश् िउरब कr tशन थांtषद हश् चश्*खं *ब*श् ग्रश्नः ॥ श्ाि ।ेः शिष्याः श् झशि । ध्रुष्ट्रै' ं;ं श् बtनना नभूष-tबt* मुङ्गे कि काम ईक्छ। भृङ्गी बढ्छ (जस्त अभ* ४कशनदाॐ दांडू ? *ङ्गाँtई अझॉस दछ1 झांश् ॥ 零5*蠻籌*-葛電 <चाॉछिदद रूtव्युइ छाद प्रारभ cथाक्षाम् अमt aछ श्रृंदौ नॉन शिश्रिश्नः *ं शृश्क्षra a श्नं वग्नः शशङ्क्षिी । લfકૌમ ભfsu ફાઈ’ কাজঃঙ্গ চন্দন! জারি पाकिङ्गस कारणtझ किरदात्र। शैड:श्रम जात्रश्य छड़ : फूणडि चार थाtछ . १ा३ाइs बिडा काररु भाशक्शि दङ भारौँ {श्रु श्रू७ाश्च च'वि। চিৰাপ্ত স্বৰে কৰে ছেঙ্গি। s *****५rा चार इनि । । प्रविड श्वtड ** দেখিগেন ৰাজপুৰ শিৰস্তৃর্ণ ৰিহাৰ मल डtदांडूक मॉश अश्वश्चाँबस्नेछ aहांछ अॉtश्रृं ॥ * , লা পwkৰ পক্ষে এই ৰূপ । TC GGBBBS S BBB BBBBD DD tttttDtt DD रिस छष९कार जरत्र ". कव:क थबनि कुछ छtt* ॥ यौनक्रि िघृणा करुिरुरु ! दीरम संॉकt ¥ड श्वाखी हैदा१ि ¥बकि छाचि हाबाद शचाब चाद #ौहे भैौहे कृकभद्य दtदी भाँहौ कानtई जशाहैं। मैनथाले पांड क्चिर ' . पू(करक काञ्चाङ्ग क्लाज সুদল গোচর লাল জোখাৰ জিঞ্জি পায় कई नारूtईड काह fचविदां★ t*ाकी कक्ष चश्च । * אואן סדשf וזו" זtrד)