পাতা:প্রবাসী (ঊনত্রিংশ ভাগ, দ্বিতীয় খণ্ড).djvu/১৭২

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১ম সংখ্যা ] cष ब्रन जां८ङ, डांशांप्ठ* रह चकृछिद्र cलां८क हांग्रैौ छूeि जांछ क८ब्र । डांश ठांशांटकब्र कitइ नूब्राउन इब्र बl, ठांशttठ छांशांप्नब दिछूक द्धएका बी ।। 4श्रेक्कन कॉब्रtर्ण, छै९कèकृबिभनबश्छांदइज़ कांबा छणछांन षषन क्वृिछिद्र चङन जरण छूरिद्रा वांश्ध्र. उषन● ब्रांबांद्रन वैछिद्रा থাকিয়া সর্বসাধারণকে জানন্দ দিবে। कदिब्र “शैन ७ पूगड” जानक कविडांद्र “थांscनोtब्र" ब्रन अांशांङठ: जरनाकब्र भूभटब्रांजक *.1 इहे८ङ गां८ब्र । किड डांशं ब्र BBBDDDDS DDD DDDDD DDDB BBDDD DDDDDDDDDD कुञैि८व ॥ ८षबब, षtछन्ब ८_१iछ् । त्रिविड 4रुश्चकto fiझ ॥ *श मषींशॆ अtग्नन cष, निगू१ भिन्नौ ड्रक् शृ*ि७tक७ बिंश्ब्र निघ्नरैनंfIद्म ब्रि! धबब झ* लिंङ णiट्ब्रब, ट्रांशांब्र ठर१ बाणैe चूनावांन् ७ जांनब्रनैश्च इहेब्रl थांब्र । किड डेहाँs मङा, cय, cअर्छ नििन्त्रौब्र1 अप्रब cकiन छिनििदएक क्रण ब्रिl ब्रएनङ्ग छै९न করিতে চান, বাছা উচ্চতম শিল্পনৈপুণ্য প্রকাশের উপযোগী এবং যাহার স্থায়িত্ব আছে। ধাতুশিল্পী সীগ দস্তার চেয়ে লোং সোনা রূপ सधू निन्नरेवभूती चकांप्नब छंगtनाभिंडांब्र क्कि निग्राह गइन्च कaिtड भारब्रन । कांठेनिंब्रौ cमहे कांब्रtन मछिबांब व जांभक्लांब्र कोठे ज८णक्र চম্বন সেগুৰ মেহগনী পছন্দ করিতে পারেন। পেলে উপাদানে झें९कूड़ेङत्र कांब्रिशब्रौ नखव नrह । किड़ देहांe मडा, cय, निषूडे कान्त्रिकद्र छै९ङ्कट्टे फेशंकब्र१ जहेग्रोe फै९ङ्कहे चित्रनाक्र्जी अञ्चङ कटिङ আলোচনা—চর্যাচৰ্য্য বিনিশ্চয়, না আশ্চৰ্য্য চৰ্য্যাচৰ্য্য ? S3? गांtब नl। शफब्रां५८कांन कांग्वा “नांस्कि" बिक्रि भूत cपने भांकिtनs ठiह! कांबTiरt* cश्वटै जाँ हडेंटङ •iitछ । ●ई यकtब्र कांब्रt*, कवि 5द्विजश्रृंडेब्र बांब्रl, विsिज चक्केब रॅडांबन चांद्र, वृश आषर्न उ१ जदइ अकृछिद्र बननांब चाब्रl, cकानड भानन रूझना ब1 रुखट्रक ब्र" पांन बांब्र, वथन बांनl इrमब्र अॉनच भांबक गवांछरक क्रिक कॉन, ठषव कू९नि९ cषtजा ? अह अभू च १शांग्रेौ क्रांतिक्षश्नौ शांश ७iइttक छेशांनांन वा अरुणधन बl कf**1 डtश्tब्र •ifब्रवरं झचब्र औष१ बश्९ १tचष्ठ गर्ज्जण७| 'ट्रध' चiश।। ७tध्tश् बiक्लिग्नी लदे८ड wri८ब्रन । कतिब्बां निश्र निश नश्छ-थरु१ड1, जॉरे**व लिंक ७ नश्नन्नै अङ्गडि कांब्रट* बडळांङमां८ब्र विवग्न स ऐंठं★कब्र १ निदर्षां5न क८इन ●वष्ट 5९मनृणब्रटक बनन अक*ि अथ७ नूठन ब्र" cमन, cष, डांश८क नूठन शe रुण1 5रण । रुiहिब्र हडेtङ थकवि चांभitप्रब्र sछे ब्रकभडे tबtष हन्न ॥ DD BBBB BBBB BBDD DDD DDSDDD DDD BBDD CCHH ब्रशैकनारषब्र अङ २ङ्घडांब डांबांग्र, बक*ि (प्लेझ. भौtजी जर्षां९ कांदाDDBDD HHBBD DYS BBB DDS DDgg DDS DBBB শিখাটতে পারেন না। “দীপ ও ধূপের" কৰি নিজের জ্ঞাতসারে नित्र दर्इाद बििक्रो मत्नर्ग अश्रृशाग्ने अनवमा खेणकब्रण बिर्रोध्न कब्रिम्न टांशांtक cग ब्र" निग्रां८झ्न, *रुइ टांझ्tङ cष ब्रन भ१iब कfब्रध्नांtछन, मांहिडाब्रनिtकब्रl wgtझ1 हल्ले८ङ चञानञ्च लांछ कब्रिtवन । حي يحكسجيج كحكعتحجي আলোচনা চর্যাচৰ্য্য বিনিশ্চিয়, না আশ্চৰ্য্য চৰ্য্যাচৰ্য্য ? नइtवtशंगांशाग्न Bदूङ इब्रथनाव नाजौ भशांनtग्नब्र cरो क जां न ७ कां झाँ ब्र ऋष] cष कांब्रिथांनि शूलक जांtझ ठांशांtनब्र थषवथांनिब्र नांध ८मe#1 इ३ब्रांदइ छ ईn छ {ी सि बि क ब्र । *ांजी यहांचंद्र ●हें बांबsि ८कtषtग्न श्रृंiझेzलन छ९नष८क ८कॉन जां८लांछनांश् क८ब्रन नtझे ॥ बूज शृ५८क ब1 ठांहांग्न ग्रीकांग्र ८कitन इां८न 4ारे बांभ#ि गांeग्नां शांब्र बाँ । श्रांtणांछ विषटग्रब्र● गहिङ हेहाब्र ८कांनcयां★ cप्रथl बांग्र नl, अष१ cगरे स्ना३ ऐइो८क निष्ठान्नु निद्रर्षक सृजिब्र अप्न रुग्न । छ | छ ] दि नि व्छ छ बलिरणश् चूक। वांद्र cय अश् भूखएक कि चव्राईद्र {‘कर्षT ) 4त९ कि अशtछैद्र बटर (‘आकर्ष)"), ट९नचटक जांटनांछनी कब्रिञ्च ८कांन निब्रि (‘निकब्र' ) कब्र हश्ब्रांप्इ । किड थॉरणांठा भूचरक ठांशांब किङ्कश् कब्र हब्र बtरे। जठ4श्व 4हे बांधल्ले ●zकदां८ब्र निब्रर्षक एक्लैब्रl *itछ । *t* नान्वह छेणहिठ इब्र गटारे कि नूछकषांनिब्र नात्र s */ * * दि निं क ब्र ? देशांब यूजिङ छीकोषानिब्र थषब tज्ञांकश् िजायाय्वब्र गरषर *झन कtब ।। ३शांब cनव गछखि इ** निtब ऍछ,ठ रश्ण : ইলীচরণাদিসিদ্ধরচিত্তেই প্যা ক্ষু , চৰা চয়ে नषचरित्रबाब्र निर्बनत्रिबार जैकांश् क्षिाग्छ ऐन् ॥“ 4श्वांटन नूचकषांनिब्र नांत्र cष, चां न्छ वै छ {ji छ ग्र ठांश ~डेई *itसप्रt cजण । ●ठिणांशु विवब्र¢zक aयकां* कtब्र सजिब्रां ॐहाइ *ानरूपठांe cवष बांद्र । “5र्षn" +zग जाछब्र१ व जवृèiन बूकांब्र ( c१मन, 'cषांत्रकर्षm' cगांभांबूछेांन) । अश् गचtक cष नभछ भांब बाँ ५नीकानि ब्रकनां कब्र! ह्यग्न प्टtहांटमब्रस बांब 'छ{ji'; cवबन, ***ानिवकू भएचब्र बून जर्ष ब्रह्छ क्छि, जांबांब cष अप्इ ठांश यांप्लांकिंठ इङ्गेग्नttइ डांहां८कख “Éभनिनन्नु' नण1 इग्न । शृtर्कtख अtर्ण cय ‘छर्दl' नtकब्र थ८ब्रांत्र ह्यग्न टांझा रह ज्ञांtन शांeग्र। शांघ्र । कrāक*ि फँमांझ्बन cवeब्रां वांछेक : क ईji tघाँ ह tकों * * ङि कf ((:nrdier * Catalogue du Fonda Tibetan. Vol II, p. 231), '5 til गै ठि (p. 87). cषां श छ {rा नै स् िकी पृ eि (p. 2:५) बैंडाiक् ि। aई नबख नूचक <s थां क १] छ दm 5 ब्र अकडे (लनेंद्र अgनैठ । ठांझे शूर्विांद्ध नूखकछजिtठ शश्वन ‘कर्षII" cनषां बां*८डरह, डशन cलtबांड षiनिtङ● डांहोहे हडेवांब्र कथा । “5१mगैोडि' बtर्ष कईT विदब्रक शीठि, ‘5र्वll tषांश' चtर्ष कुर्वी विबग्रक cमोक्ष1-छtन ब्रह्नेिड ब्रछब1 । षङ्ज्ञ७ ॰ं चङ्गiब्र ।। 4aेद्ब्रांशं *षtच्छं]6Griछन्न" BBD DDD DD DBBBttBBDD BBBDS BBB विप्लवनंÉ cरून cन७ग्न हडेब्रांटङ, टांझ्! &थछिणांछ क्षिप्रक्रैिtक किक्रrन अकॉन कब्र इश्काङ ठाश cपनिएलड़े दूक यां★tन । न चां* छांबांब्र 4है */ांब७जि ब्र$िछ हeब्रtग्न cनष्ठजिरक “जांच्5र्षj' वजिद्दछ गाबा गाग्र, चभषा बर्नबौद्र क्विालिtरू छडूटक्रrग व4ना कब्र श्लेग्रांप्छ DDDCL ttBB SBBYS DDD TCDD DD DBBB BD S भान हम्न छ fri छ 4] ति नि श्रृछ ब्र बोप्य अकथानि नृक्षक भूम्की अनिक हिण ; cष भूषिषांनि ए*८ठ लाडौ बहानग्न cयो क श्रां न ७ tषा शो ब्र बषय नूलरूषांनिब नरकब्रन कबिब्रांtइन ठांशाब्र cणषक थे नाrमब्र गहिङ शब्रिछि झ्रिजन, अव१ बम कन्छ जै श्रृंविषiनिन्त्र cकiएन। इांtन जां क á छ वैjा छ ब्र बांरभद्र नद्विबté छ *ml छ {] नि बि क ब्र जिदिब्र' (कजिघ्रांहिरण्ब ।। *iञ्चौ महांलग्न है हॉड़े रूशूनब्रन क*ि*itइन ॥ चैबियूरलथब्र उप्लेitiर्षा

  • न कानाह अमृषाकविtनव चांtणाध्ना १r* 4ह

●यवांनौटडरे (००७e, tछjä, १: ९७७-७*) कfब्बझांझि ।