পাতা:প্রবাসী (ঊনত্রিংশ ভাগ, দ্বিতীয় খণ্ড).djvu/৪২১

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लिनि =णहेह जूलिबाहिरणब cव, cनाटकब्र यडांप्रश् छिनि अवृन चनांसं-नदिएछ चर्नयांखिड़ दिइकङ्ग इकाई कब्रिञ्च वनिब्रां८इब ॥ निभिब्रांश्च यथम जुड८कब्र आोक काञ्चन ।। 4श्रे बिभिख आछविक्रिक "ऐबबिक आक्त" गण हरेब्रा थोप्क । झुप्ङब्र कोइ-कार्य, अक्९ जरखाडिकांर्षीटक चाब्रखब विषि वज! हरेब्र षांटक ।। 4ड़े इ* चकू*ांटबद्र इहे शृषक बांब ।। - ऍांशांब्री वृऊरकब्र अांक खtब्रन ॐiहांब्रां नकtणदे विचांग कtब्रन cष, अॉक बां कबिटण वृ८ङब्र जांच्चाँ नंब्रकनांबी इब्र ; बद९ कब्रिटल बै जांच्चां चर्नभांभौ इब्र : जीर्षjनtनंब्र नलिोरञ्चरे चकुछ क¢कलtछांटनङ्ग Ştछष BBBBB DDS DDDD S DD DDBB BB DDD BTD DDH कब्लिबांब्र निविड छकाछन्द्यांखङ्ग बांब cषांत्रि बयन कबिब्बl थizक ॥ 4 कथ1 जांérनांtछ नर्सब विtषांविड हईब्रीcझ । अकcन, शूज-cनौजनन वृष्ठद्र अवांकर्णि७पॉम माँ कब्रिप्ल दक् िवृ८ङञ्च वव्रकथांसि ह्ब्र, डट्व बै शृङ बाखि, ओबिछकां८ण बांनी ज९कá कब्रिग्न थiकिरण७, चौब्र कर्वकज ८डांनं कब्रिटङ गांबिण नt : बब६ अभटब्रब्र ( शूज-cनौजनरनंब्र) जकf-cहळू छाश८क बब्रक वजन cखन कब्रिटड इश्न । गणकांड८ब्र वृङ बाडि औविठकांप्ण इकई कब्रिड्रl थांकिtण● जनtछङ्ग अांकनिखकांन कईक्रज चर्नशष cखां८१ब जषिकांब्रौ हरेण । केही SMg BB BH DDDD DDDDDD DDD DDDD DDD S चांदीनांtज नूनॐछ नकाब थीकृङ ह३ब्लांटइ ॥ औtवब्र ●३ छब्रशे बषब ७ tनव बटर। हुङ शक्ति चीज़ नवन६ कर्ध्वद्य कणप्लान निविख cछनtपर थांब्रन कन्नड* श्रून:भूवs बचबहन कटब्र ॥ 4 मङe चांर्षrनitख नकख अठांब्रिख हरेकईटइ । जुख शङि यदि कषज) बूखि TC DDS DBD DD LSDDDD DDBB DDDLDD DDDDS निक्ण। किड cबाषछर१ नागनून बछिड श्रृंदर शडि छ कवणा मूख बोख हऐरङ नांtब्रन वा ।। ६डब्रां२ ♚ांशष्क शूकर्वच अश्न कबिटडले दश ।। 4क्कन इरण छैiहांद्र शूजtनौजनन बांक कब्रिटन कि कण दश्टछ शां८ब ? cद चूब आंख कबिटखटइन, बटन कछव, डाहांब निछाब्र नांब क्णि ब्रांनंबख्म । ब्रांबब्रच्ण वृङ्काव्र नव्र नूनबांद्र बचजरन कब्रिटन ॐiहांद्र बांब ह३ब्रांटइ बटदनsख । cष चांची हुज cषद षtछ१ कबिंब्री ब्रांबब्रखन कजिन्ना शाब्रछिछ हिज cनरे जांच्चांदे बांबब्रख्रवव्र इज cषद शाप्नब गद्र जगब्र 4क डूण क्रु षात्र१ कब७: भटरनध्ञ व्tप्न नब्रिहिछ इश्ब्रांप्इ । छनवदनैखांब “पानांशन जीर्षीवि” ईशांनि cझोप्कब्र जर्ष७ खांदांदे । ब्रांमब्रख्रवव्र गूज निङ्गबांक कब्रिट्ज किएषा शिखांब बांटन नि७षांव कäिtज छह बांड इहटष cक ? ऋहनछटा माँ कि ? चांक ख हूण ८षप्रब वप्र ; थांक ख चांचांब्र । • ब्रांबब्रउटनङ्ग जांच्च जटड्नध्ध्वब्र cनtर पनिब्राँ हन्नछ आंक-वांगटब्र निर्दिक जांहांब्र कदिrहरह ॥ ८न कि उ९कारण शूद्भवब्र गांसिक नि७मtख हऐश्व ? cण छ छांटनरै ब cष, cण ब्रांबब्रख्बहिण अष९ छांशांच्च ब्रांबब्लङन चक्झांब्र श्रूज जांजि आोक कब्रिटठदइ । इङब्रां९ थे थांक निखकांप्न छांशांब्र डूखिजांछ हरेष्ष cकत्रब कब्रिब्रt ? - cकांब cकांम भूबांt५ वृष्ठद्र अॉक कबिषांबवावइ हुझे दश। पर्नीअत्र थई वजिटख निब्रl eथनबख5 4षट् कडिणग्न छांटन जयनबद्ध5 वृदछब्र अप्रुद्र कषांब डtजष हरेब्रांtइ । किड cबरौखां★क्टङ, विकूछात्रवाड, শিৰপুরাণে, জাদিপুরাণে, বামনপুরাণে এবং আরও কোন কোন गूबांc१ बांध्रुद्र ऍtन्नथ दिन्यूबांज७ नॉरे ॥“ नवूनशरडांब “निकृन आtकई* किरश“निङ्गदखछ उर्णनबू" निर्दिनं हरेंद्दछ बूक दांश्रद्धदइ cष, अथांकड*fन चांझ1 निहननंरक इख कब्र फछिड। उँहारे बिज्राचदूुग्न भक्यालद्र अछ७भ चर्षी९फूिषल ।--- शि७१ींश्च । शृङिवि श्७िक्षीब बहिषींद्म च श् ि" चित्रि-षक् cणtशं अष९ शृंशैठांब चच छैडर हरेटन कांन कप्र । नि७षांछ नि७ क्विांद्र नव्र डgजॉनि निख ननांtर्ष छैtदांद्र cष चन्न हिण छांदांड cणांग हरेरठ शां८ब्र ; किरू वृज्रवास्क्लिङ्ग ॐ श्रृंगांप्र्षब्र चञ्च ऍड़व ह३टव कि ●धकांटा ? वृtडब्ब cडl cकांन शक्टर्ष चङ्ग छैडब हरॅटख शां८ब्र बl । कूश्छब्रांश वृष्ठद्र गचाच बांब नच७ शवशङ हरेटङ गांध्द्र न। जीविठ वालि८करे कॉन कब्र छरण, वृष्ठबास्टिक छरण बां ॥ शूरी कजिब्राहि cकांब cकांन शूद्रांप्न वृध्ठद्र आंख् कब्रिकांब छंछष আছে ; কোন কোন পুরাণে নাই। পূর্বে স্বতের প্রাদ্ধ করা হইত न, गrत्र श्रेष्ठांप्इ । बिबिबाबाब छगाणांन श्रेष्ठ० छाशर बांना बांब्र ॥ ७टव ● जकूटैiध्वब्र बूल कांब्रन कि 1००-कौबटमानं पह थोक्लब कांण इड़ेष्ठ जञ्च नर्वाख वृख्रकब्र ®zवरच बांबांदिए ननांप कांन कब्रां हड़ेब्रl थोक ॥ ॐांहांब्री cर्षाकृष* जह्नं कब्बिषांब्र श्रृंद्र छांब्रख्वटर्ष चांनिद्रा बूकनद्रांकि इोप्न वृटजब बांकउर्णन कब्रिटण लांब्रफौजनन cगह जत्रूéान जबूकब्र१ कब्रिटङ जाबख कटबब, ७क्रण चक्रूवांब कब्राँ दांडेंटङ गांदब्र । शृcब्रॉरिख जांकनं नटसंब देहांटाङ जर्षयोडि७ हिज । इष्ठद्वt९ ●iहॉक्tिनब्र csडेॉन्न 4 जबूर्छांप्नश्च विडूङ बछजन ह३ब्रां षांकिट्व, अदृचं चइवांव जगनछ हब ना । -