পাতা:প্রবাসী (ঊনত্রিংশ ভাগ, দ্বিতীয় খণ্ড).djvu/৪৩০

উইকিসংকলন থেকে
পরিভ্রমণে ঝাঁপ দিন অনুসন্ধানে ঝাঁপ দিন
এই পাতাটির মুদ্রণ সংশোধন করা প্রয়োজন।


ও সংখ্যা । -: মহামার - : هبونه अर्क भूक शहैण, देश,कब्रिज निबद्र गबौदानिनौकब्र गद छांकिब्राcवभाइ । उtव गनांनर्कना थफ़-इका अँछैि। चाब्र জুতা পারে দেওয়ার উৎপাতে, এ আননটা মাৰে মাৰে ब्रांब इदेहां बाँदेख् । - कांनफ़-८छां★फ़ इांफिद्रा, छाँ नोटब्र ब्रिl cन बैौदछ नांबिब्रां घांजिण । निब्रश्चन डथन कांग्रज्र इक्लिtङ निटजब्र षटब्र छणिबा निंबांद्रश्न । चांटनं डिनि नैौकहे नब्रन कब्रिटछन, ७धंन कछ cथय६ छनिंनौ चांगां८ङ ८मांडांलांब्र *ब्रटनब्र वावश कब्रिब्रां८इन । नईष्ण अङ बफ़ बांग्रैौद्र দোতলায় শুধু ছুটি স্ত্রীলোক, তাহারা ভয় পায়। নিরজনের বা টেৰিলে চায়ের সরঞ্জাম সাজাইতেছে, cनषिद्रा यांबा ऐन्मूब ब्रॉब्रांघरब्र निद्रां ॐणश्ऊि शहैंण । ऐन्नू उथन बैंछि जहेबां उब्रकांग्रैौ कूटिङ बनिब्रां८छ् । भांब्रां বলিল, “তুমি যে পিঠে করেছিলে তার কিছু বাবাকে দাও না, পিসীমা । রোজ রোজ কি ঐ ছাইপাশগুলো १ीन, ६ंब्रह्म *खद्वि चिनिष cख्रीनि। नििन एठ १ांन न। " ইন্দু হাসিয়া ৰলিল, “ভৰু ভাল যে বাগের কথা একটু মনে হয়েছে। ঐ যে ঐখানে ঢাকা রয়েছে, রেকাৰীতে कद्रब थांन-छांब्र निरब ब ।” মায়া ছোট মীটসেফটি খুলিয়া কাগার রেকৰীিতে नि? बांश्ब्रि कब्रिड्रां जांबाहेण । डांझांब्र नब्र रुणिन, “মিঠও ত এক গান জমে গেছে পিলীম, এত ৰে কেন बांदा निदध्न चांटगन, डांब्र टैिक cनहे । यांयब्रॉ cषन স্বাঙ্কোস । এর থেকে কিছু দেব ? কালকের সন্দেশগুলো ०cदवं छांण हिल * बाcणब्र बराब निzक यांबांब धन गिबांटरू cबथिबा हेलू चऊाख भूनि इहेण । uहे विषट्छ ज़ांशंब्र uकü झकिख मैंiफ़ॉरेष्ठां निघ्नांहिण । षांब्रांब्र ८ष ब्रकभ भांङ्ङखि, ८ण कि কখনও ৰাপের দিকে ভিড়িৰে ? মৃত সাৰিত্রীই এখন * शंखि खद्मि गषडं खङ्गश् चषिभिtद्म ऋग्नेिश्च। चांड्ि বেন। बाबाब कषाब ज्डरन बनिन, “विप्न व न, वा वा ऐरण्ह । निम्ब शरङ करब निरब ब, ८षटङ दण, उ नां ছলে মেজদা সৰ একপাশে ঠেলে রেখে দেবে। কাছে बटन थादे८ख चांड़ ।” माइl.७क नङ्कछिड श्रेड़ा बनिन, “ठांश्रण छूबिख wiनं निनौभां, ७र्कजां चांभाङ्ग वांबांब्र कांहइ ८व८ख ८कभनं uक ब्ररूष जां८णं ।” . -- है चू शनिबt.वणिज, “cयट्छ ८षन गर ! बार-ब्र कांटइ शांवि, डांब्र चांबांब्र ८कभन ७रूब्रकम कि जांनं८ष cब ? वl, बा, नश्रण ७द्र छ| थाख्द्र श्रद्र शब्द । मे cचान निकि निदइ नांवरइ। चाभि ७३ ८षांtणब्र उद्रकांब्रि? कृt? निटब्रहे शांछिझ ।” जगंडा मांबां८क ५कलाँहे शाहैरड हऎण । निब्रखन उउचन यानिबl dèविरण पनिब्रांtइन ॥ः निहान नां८ब्रब्र *क तनिब्रां डिनि छांश्छि। cषषिtणन । याब्रांटक cनर्थिब्रा বলিলেন,“কি মায়া যে, এস, এল, বোসো ঐ চেয়ারটায়।” মায়া মাস্তে আস্তে জালিয়া মিষ্টান্নপূর্ণ য়েকাৰীখান । টেবিলের উপর রাখিল । নিরঞ্জন হাসিন্ধা ৰলিলেন, “এত সব কার জন্তে নিয়ে এলে ?” भांब्रां ८कांम भ८ड बलिल, “जांश्रृंनांब्र छठछ बिटुछ এলাম। এগুলো গিরীমা নিজে করেছেন।” o নিরঞ্জন বলিলেন, “তা হলে ত খেতেই হবে। কিন্তু ७उ डेि निष्ब खप्ण cक्न ? निर्बद्रा किइरे पास ना নাকি ? সব জমা করে রেখেছ আমার জন্তে ? মায় যে কি উত্তর দিৰে ভাৰিয়া পাইল না। পিঙ্গীমায় । কাছে সে ঘন্টার পর ঘণ্টা বকিয়া যাইত, কিন্তু ৰাগের কাছে দুইটার বেশী তিনটা কথা বলিতে ইলেই ভাষায়: हहेड, भश विशद । बांबा ८ष डांशष्क चचिनिन्छ । পাড়াগেয়ে মেয়ে মনে করিবেন, এই ভাৰনাতেই তাহাক , बूषं चांदबा दक श्रेंबा बाहेख् । उबू ®उद्र ना निरणरे वा डिनि कि छांवि८बन ? इङब्रां९ cकांम वटड ८ण यजिब्रां cकणिज, *चां८ब्रl cष cछब्र ब्रदछ८ह, चां★नि चट्टनक ८दबै নিয়ে এসেছিলেন।” : निब्रश्चन दगिटनन, “डाहे नांकि ? चांगह कांण चांब्र बिडे जांन्द ना फांश्रण। cखांभांप्यब कि बदकांब्र, किहू उ चांधांब बल नां, चांयि चांव्वांजयड बl खां निम्बू जांनि । কাল বাবার সময়, কি কি জানতে হবে, সব জামায় বলে: नि० ।” - . . " निब्रश्चन निळजग्न थांबांब्र ८कजिब्रl थांबांब्र चांनौएङ