পাতা:প্রবাসী (ঊনত্রিংশ ভাগ, দ্বিতীয় খণ্ড).djvu/৪৯৮

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৩য় সংখ্যা] गांहांश कब्रिटव.1 पदेषांविब बांना ७ कांनंब इवश, पैषिांरेनदिनtन्नै ॥ गरकृङ जश्न इरे कॉबिने ह्यांनाइ छूण बरिता विकारह ; उरष कईध्वब्र चष्ट उ* बहन कहिाँ कैरे जम्ने कबाब बांक वाहन उवाद *वैज्ञाषित्वब व कद्रषानि उप्न चइवांश् च नरकद्रव चांह, ***iनिहरू गर्सीबीन उपकरर्ष छांदांय्क्द्र ऋष अकथानिcज* शनिबाँ गरुण३ चौकांश कशिक्त्र । सनिद्रांछि, tरकर नबांग्बबcनइशबौद्र बूचाक्नहिउ cत्राचांविदार्नब दिको अ३ भूखाकब cषांचा नवांश्द्र इरेबांध्द । चांत्री कबैि गोषांबन लांबाजी विवरणश्नब बtश७ अह *डक ऐरॉब छैनबूण वर्षjांक ७ यहांङ्ग जांछ कब्रिटत । वैइनौछिडूमांब्र छtāांत्रांशांद्र - হিন্দু বিবাহ-ই লিকচন্দ্র ব্যারিা এগত এলাক -बैभविनश्व बद्र, बांगै छांखांब, छांक। नृः ss+$ss+$5; মূল্য পাঁচসিকা।

      • उप्रू बरे गवूनांब चांप्नांछिठ हरेद्वारइ (४) विवांर कि ? (१) _ क्रिांप्रब stक्छ कि ? (७) रिपूरितांप्रह थाश्र्न

(8) क्षिांटहब्र चकांब cछन (e) बांबौब cनौब्रव (७) बांद्रौब्र कéवा 62_चौब कडवा (*) चाभी ७ धी अच्छद्र कडश (s) शृंहिनेत्र **ण (**) बब निर्सांछन । (*>) रूछ-विताछन ($२)* कछ विषiप्रव्र वव्रण। अtइब गतिनिtडे विवाह क्षिप्लक कराको नांव cनeश1 श्रेaांtइ ॥ चूखएक चrवक जांख्षा रिषद्र चांtइ। देशांटङ जानक नाहौद्र उर निषरू हरेद्रांप्इ । अइकांब थोप्लेौन-व्यजब cणांक । ठिनि ‘बूबठी विवांर' गवर्षन कदद्या वl, किड फिनिe s* श९ग:ब्रछ भूहरी कछांटक विषार क्टिङ बखङ बप्रव। जtइब cनव चश्न डिगि बरेब्रण निषेित्रांप्इन-*थांबांत्रिक दूनंथडांतरे थक नकांक्षडौं इहल्ला भद्रब पारशत्र चांदन वर्ष ● उ९णब उिनं बदनब जर्षी९ s९ शश्रख् ** परनद्रः कछांब क्षिांप्रंइ वव्र:कांण वि4द्र कब्रिाउ हश्ध्ख्रह । हैहॉcछ वाजिक विषांप्रब कूक्ण अष५ जूषणैौ क्विांप्रब नीग छछद्र इरेप्डई नवाब बूॐ षांकित्र " ( शृ: ss3) । पूर्णु विcबक-गिर, गाइपाश्। चश्गारु *इर्वीछद्रन छप्प्लांगोषाॉब्र । अकांनरू बैपिनिबध्छ नजिक, ১৮নং কামাখ্যা লেন, লিট ৰেলাৱল। পৃঃ ঠ+w+২১৮, ಆಗ ತಿ| वार "शांकादषा' नाप्न गबिज्,ि उदांबद्दे जगब नांव वृ* दछ पिtरक । अरे भूखएकब बछिद्रड cक छोश निकिडव्रप्ग पना दोब न । चइवांबक 'इबिकrrड अश, अइकांब, अtइब इश्वन श्रीकांकांtब्रब विक्रब जानक जांग्णांठन कबिबांटइन । डांशांब बाङ छांबणैशैर्ष देहांडे ¢जर्षक ॥ बरे गरकबt१ अषप्न वनांक्टब बून अध्झब नरङ्गठ (बांक cवes हरेशांटइ। छांदांब गरब जचद्र ७ वबांइवांव । ऐदांब गहब cव७ब्रां ददेशांप्इ अंकांक्च जांबडी कृङ नकाब वकीव्रवीक् । शैकांह बून cवeज़ इन नॉरे । किड नेकांकांब cष-नबूबांद्र नाइपछन छछ,ख कबिब्राटदन, फ्रांदांब बूण पकांइवांक नर बक्ख हरेबांटइ । अtइब्र छाबित्रे विनिडे (क) गहिनिष्ठे ‘छां★-छात्र णकर्षrब रिड्ड शांश cपडबtरदेशांप्इ (१ः १०१-०९s) । (व) श्रृंब्रिनिtडेब क्विह *चन्वबिं अवां4 निछनप' । (*) नजिनिव्हे कह णांबिछांरिक रचद्र शाषा बरच हरेदारद । (७) नवनिष्टे चांक्शुवरि रिबछि वाकादष* श्रेकांद्र कब्रॉइषांश cन७द्रा हरेद्रां८द । "খাত লিৰ একখানি ক্ষুত্র পুণ্ডৰ; লোকসংখা ৪৯৷ পুস্তক-পরিচয় किस देश *ां# कविtजरे नर] cवशाखद्र cर्धाणिक ठर गहरब दूका बांदे८ड *ांtब ॥ थरहब छांदां● नहब । । बैबूल छर्नीछब५ छdèांनांदाांब वहांनtबङ्ग नरब्रन नपर्वांघइचत्र ददेशांप्इ । बाइब भििनटे बलि यूनादांव । इशी भेकांब चइवाद cनeइॉब अंtइब बूना पéिङ हरबांग्रह । अांनी कहि बरे नरकङ्ग१ बश्ागयष्ट्यि चांशङ्गंीं शुंदरः ॥ Cयश्विनग्नि-बक्रूषांबक वेइनँीछबन छdèांनॉषाॉब्र । असिईर्ण -‘कॉर्षांषाच, ब्रध्ननिष्ठेक अंशांपर्णी, svन१ कांबांषjl tजन, cषबांद्रन gtfi et l به آri : ۹۰۰ + باد : ا P3 जद्रषषिक वtणन-"अरे अंtइब ब्राग्रेिड 'नद्वहॉब्र' 4क दांकिनंiङ) बांकन हिtणन । छिवि थांब cषकृनउ व९नब्र भूtó बांब्रांननी पांप्न जांविडूठ हऐब्रांहिtजन ॥ *ई अtइब tीकांकांब क्विांकड़, उंiहांबद्दे निष्ठ हिप्णन । छैौक ११७v +zक नवांख हऐब्राहिण " चक्रूषांषक • चटनक इरण ●रै छैौकांकां८ब्रव्र अङांबङ जह* कब्रिब्रां८इम : cकांन. cकांब हरण ॐांहांब वTांधणt viब्रिएल्लrां★७ कबिब्रां८इन ॥ अरै गएकबध्न यषटन दबांकटद्र बूण नशङ्कङ ● फांशांब गtब चचन्न cवखब्रां रश्ब्रांtइ ॥ ऐशांब ग८ब्र वकांक्रवांव । अत्रपांग यूणनवड : किङ नव इरण कथांब्र कथांछ बटर । जानक इरण जत्रूषांक ७ वाiषm ●कनtब cणखब्र! हरेब्रां८इ ॥ cराषध्मौकर्षाitर्ष जर्षिकांशन इध्ण चलिब्रिड कष गश्नांबिउ श्ब्रांप्इ अष५ cकांनtकन इन डांश वकनौज बप्पाe cनखब इश्ब्रांप्इ । किरु षांश बूंन बांदे, षांश जडिब्रिड, नर्सइोध्नई खांह क्कनौब्र ऋषा विष्ण छांण हऐठ । cवनांप्लव्र गांवन अ*ाणौ चरणचन कब्रिज्ञा कि अकांrब औक्न भ#न कब्र बांग्र, ठांहांऐ 4ाई अंtइ चTांशांड हऐब्रांtइ । cववांछ उछन्त्र१ वरै अंइ *ां# कबिब्रां इवैौ ह३८वन । •ंङ्ग्यः cषांषं cयांनजहै-बैक्वदिशांबी जूषांनांवाiद्र ॥ बकांतंक ओनजबौकांख बांन, बश्चम बकांनाणद्र । बून cनड़ sांक 1. cष cबनैब बरेtबब्र cनप्रह नांठा भक्ला हरेब्रl cत्रण करे यूब्रिां ब्राषिबारे भांप्रीनविहे दबूब गtन षिप्तांत्र, वकृणांtोद्र दइड, जांनाभी कहtजन वा अपन● नोड न भक्लिवाब कीबन गचtख भांपूर्णी बिलांनांबांन छजिष्ठ शीtछ, “cषांनबडे" cन cथनेत्र कहे वह । दश्राब्र.नांबांइनि वष९cनrदव्र क्tिकब्र कदब्रक शांड बटन अश्व कांत्र नेिब्रा बांद्र cष, परेषांवि cनव रूब्रिग्नां थांबिक छादिाख इद्र ॥ cजकटकब्र जबूइडि ठीक पजिब्रांरे वरू-4कtी कथा बबब cजांब्रttण1cष बख्खणिञ्च क्क्टिक बूलिधूबिषांब cजांब वानब्र ऋण भूजिन्ना गाडबा इश्नोषा द । ग्निर कवित्रा ऋव पाrरू हखि ७ बाष्बवत्क। ब्रांप्बप्त्रज्ञ cनौब्रव जांबौध्वब थप्गक real, छब्रिज-चकप्नब technique4ब विक हरेप्सड ब्रांप्बठ cपने कू*ब्रांप्इ । ह४ि ७ ब्रांप्बtवद्र कथांवॉर्डीब्र खिछद्र क्ब्रिां हखिब cद बूडिंब नश्ठि जांबांप्नद्र गaिछद्र दछ, ठांश कन्ननांद्र जङ्गछां पूछारेका छांशांप्क बांशङ ७ औषख कब्रिहtcउiण ॥ चां★ौइ cवनंहेिtडबिडांइ नव बिछेtदेवांब्र बछ जांबौcaाब्र विक♚ ह**ङ छूरेिडब जर्षअंद१ 4दर खांहांब्र नदब्रहे थांभzवब्रांणि जांबीयछब्र छ९णनांब्र छूरिडब क्विांदांबां छांव बरे इषेिछेदिख cणषटकब्र ब्रनटवांप्दब नडौबडा যুধিতে পারি। - - वदेtाब cनप्र कृखि ७ जांबीयबब गचक किडू इप्सर्वाषा षांद्र ॥ हखि ह#ां९ cब्रां★नशांशंख थांबीप्छब्र ८बटन गढ़िाicत्रण, 4. शांणांब इबद्दछ बचांखांतिक बछ, किड़ tणषक 4अछ गोर्टरकब्र बन