পাতা:বঙ্কিমচন্দ্রের গ্রন্থাবলী (নবম ভাগ).djvu/৯৩

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ধৰ্ম্মতত্ত্ব चौकांद्र कब्रिवांद्र थंछि ७क$ जांभंखि चांद्वह। श्नूिनिtभेंद्र ६ ई*ांज्ञांइनां८द्र 4त९७हे नै उॉब्र वादहइगांटन कृषि नूरजब पर्व नप्र, रांनिश ७वर झबि ऍडब्बई १वरॐ ब्र पर्व। अत्र डिन बt4ब श्रृंब्रिकर्षाॉई পূত্রের ধর্থ। এখনকার দিনে দেখিতে পাই কৃষি প্রধাनड: त्रूजहरे पर्च ; किछ घछ उिन बार्न नब्रिकर्षां७ ५*नकांद्र बिtन थषांनडः भूजबई पर्व। पश्न खांनदशैं, पृरुदईंौं, बां१िशषर्श व कृविषयँब्र रूtईद्र ७ठ वांहना हद्र cष, उरुर्निशं* श्रां*ांनांशिtनंद्र 8नश्किांक्ि थtब्रांबनौद्र जकण कई गच्णंइ कब्रिड्रां ॐfौ८७ नंां८ङ्ग नl, छ६न क छकखणि ¢णांक डांहां८िग्रंह ग्रंब्रिऽर्षांब्र নিযুক্ত হয়। অতএব (১) জ্ঞানার্জন বা লোকশিক্ষা, ( ३) बूक व गषांत्रद्वक्, (७) निग्न व तां१िथा, (a) छै९iांनन बl कृषि, (e) श्रृंग्निकर्षl, ७ई शंकतिष কৰ্ম্ম ॥* ऊर्णवन्नैडांब्र क्रीकांद्र बांश निषिब्रांहि, उांश ఏడి श्रेड ७रे कशी रूष फेर् उ कब्रिगांव । यक्ष इइ१ ब्रांषों कéबा ८ष, नर्कविर कर्षlइéiन बछ जङ्घनैणन थtब्रांबनैौछ । उरव कषl uई cष, षांशंब cष षष*, चश्शैणन एठश्रुिं ब! श्रॆष्ण ८ण षषंईव शृशंॉणब इदे८द न। चइनॆणन चश्र्वांश्वर्णै इeद्रांब्र चर्ष यहैcय,शषtईब्र थtब्रांबन-चङ्गां८ब्र वृखिविप्नरवब्र विानंद बछ्वैगन काँहै। गांषअत्र ब्रक रूब्रिब्रां वृखिविप्नंtषद्र दिtवंश थइশীলন কি প্রকারে হইতে পারে, তাৰা শিক্ষাতত্ত্বের अखर्शड। शूछब्रां९ ७ यtइ cण दिरनष चइनैणtनब्र कर्ष cणषl cनंण नl। चांषि ५३ ऑtइ णांषांइन चइनैणटमब्र कषाँहै बणिब्रांङ्,ि ¢कन नां, छांशंहे कईठरवृद्र जखगैंड ; विएवंश जष्ट्रवॆणप्नद्ध कषी बणि नहेि, cकन बां, डांश जिंक्रांउसू। ठेठtइ ८कांन बिटबॉष बांहे ७ हरेष्ठ नांtद्र न, ऐशंरे चांयांद्र ५षांtन वजित्वांद्र थtब्रांचन। १ईडखु जषांखें