পাতা:বিশ্বকোষ ত্রয়োদশ খণ্ড.djvu/৫৭৭

উইকিসংকলন থেকে
পরিভ্রমণে ঝাঁপ দিন অনুসন্ধানে ঝাঁপ দিন
এই পাতাটির মুদ্রণ সংশোধন করা প্রয়োজন।


ভোজকত্ৰীক্ষণ [ é११ ] 6छांजकखांचह्नभं SBBDDDDDDD DDDB BBB BBDD BDDDD SDBBB BDDD DDDS DDDH DDDD DDDD g DDD बाङ्गोबनि वाइबख्नदिप्श क्यिान् विश्विचवः। बटकांखब्र कनिद्रां ८डांधकणिtक हाफ वेिञ्चाहिरणम। उकारथा * *ांकTांन् नर्सरिउछ भांडवमरन नधान् विनांनार विश्- मशहांब नर्कवची अंथरन• cखांबक एश्नविणरक हांछ cनन, * cर्ष द१८षयजूणविजांः चबिषेिमा छलछ कार्षी किब्र ॥°० फ९ऋब्र cलोखक कथिबिछ अषडिवर्षीघ्र मिकछे ऋोक स्थाम। { বৃহৎসংহিতা গুel১৯) uऐझरन भंनषभखि २इ जैौविङखखe cछांजक इ६ब्रबिबटक जधौ५ दिशूद्र गूजक छात्रवख्नन, श्रीब्र बनणन, लिट्दब्र छबषांप्रैौ विज**, भाङ्गभरथब्र मां हम७णविन् खांचलत्र१, अचाब्र विcयन५, नर्तरिउ चाखममा बूएकङ्ग भाकाञ्चोचोणण अिवर बिमগণের উপাসক নগ্নগণ। এইরূপে যে ষে দেবেন্ধ উপাসক, €ाशबारे व च नित्रबाइनाएब च च cऋषब्र ५ब कब्रिएबन। बब्राइबिश्रिब्रव्र वहनrण भूीब बलब नडाचौप्ड चांबूब्रिशन् ভারতে শাকীপীয় ব্রাহ্মণদিগকে একমাত্র স্বৰ্য্যপূজায় অধিকারী দেখিয়াছিলেন। निणाणिनि नांशएषा जांमिरड श्रांद्वि cष, ५दन हड्रेष्ठ कडू** भडवर्ष भूटर्स मर्जरष नांकरीनैब cडांबक बियभन পুরুষানুক্রমে স্থধ্যপূজার অধিকারী ছিলেন। শাহাৰা-জেলা cनeब्रङ्गणां* &ांम इहेरङ आदिङ्गङ बजषांषि* २छ औदिङ-सtशंद्र শিলালিপিতে লিখিত আছে যে, দেৰবরুপার্ক গ্রামে অক্তি প্রাচীনকাল হইতে ভোজক-ৰিগ্ৰগণের বাস ছিল । এখানकांब्र बङ्गाणांर्क मांबक कूर्दीरनहबग्न cणदांछ वाग्नर्मिकर्मीद जछ मत्रषनफि यांणामिड cवब cङांबक प्रर्दभिन्मएक यदे 3ाम मांम করেম। গুপ্তাধিকার লোপ হইলে এ অঞ্চল ৰক্ষ্মভূপালগণের चषिकांब्रङ्कङ इब । ॐांश ब्रां७ cछांजक विअविष्णब्र cनबप्च १ऎ श्iदमङ्गं श्ौं गेिवांछिष्णम् s ॥ वभtष cडांजक वी भनजांचt१ब्र अंडांव खममरे वृकि नाहेरङहिण ॥ थुमैङ्ग भनब नखांtण ७षांटम भांभ-ब्राजदरल अवण हऎब्रां ॐü । भोकरौीनै बांच*नंग uरे मोमब्रांजनtणब्र मिकछे षष्थहे नचांमि७ एऐझांझिटनम । ॐांशtभन्न भाषा cकह *ांजौ, (कए गडां★७ि७, cकह याक विषांक अफूखि ब्रांजरीब्र खेकनन नाइब्राझ्ष्णिम । श्रृंब cबणtब्र अडर्नङ cणांविनभूब्र গ্রাম হইতে ১৯৫৯ শকাৰো উৎকীর্ণ একখালি বৃহৎ শিলালিপি *ांखब्रा भिंबांग्रह, छांशtड बांम-ब्रांबदtभ ७ भाकरीौनैौब्र এক প্রসিদ্ধ পণ্ডিতবংশের পরিচয় পাওয়া ৰাৱ । क८व शांकरैौ*ौब्र अाचणण१ जवॐ छांब्राड माना श्रोषाद्य दिङख हऐब्रां नफिंद्रांहिष्णम। क्लकनांनब्रक्लिड भर्णशखिमायक aइ हऐएफ जॉम वांग्र ८ष, भांकईो* वि७मंग१ विछिब्र हाटन यांननिषझम २s जांब्र द गूज, ४९ च्यांनेिछ, २२ भ७ण

  • उक्षिाभूब्रांप्नब्र७ ७श् दध्न जाएइ । cकषण रिठौद्र cझांकनैज्ञ 4क नाiाड़ब बृहे इब्र । षष

“चासौंक्छ अनछ उक्लबननान् बूकछ ब्रस्त्रोचक्रांन्।” चof९ ७ङ्गषषिांशैौ'जनं बिमणtभूयः ५ब् निष्कारिात्रैिौ ८ुोष बङ्ग१११ যুদ্ধের উপাসক। এই মোকেই বরাহমিহিরের সহিত ভবিষ্যপুরাণের পার্থক্য जकिठ ३३(ख्रह । पबांइबिहिब्र ऍांशग्न जबtब्रब्र कषारे नखबद्धः गिणिवचा विशांश्च क्षरं छर्षॆ चानिशम्॥१ ।े कषाऽणि चक्रवाका शक्तििरश्व । (Alberuni's India translated by E, Sachau, Vol. I. 121) किड छविषानूद्वार१ वथन थे cञांक अषिङ रद्र, छथव७ छ६करनद्र कषारे णिनिबक इझेब्राहिल । वज्राशमिश्छि। मई दी निचब्र ४अवब्र कथौ दनिष्ठरह्म । बाखविक ®शांद्र भकरण त्रिचङ्ग ४थरबब्र किरणव अवल झरेबाहेिन, किड निर्णचब्र अणशराब उरगछि cक्च्चप्क्द्र क्ष नेत्र। ५३ अचत्र गत्र भिचाइब्र छदनडि अरू थुs बज्रङ्ग पश्कूलै cक्च्चाइ ७६ पछि, अर बम-भूब्रश्-ि श्रं हिङ्ग ऊतििवांश्च ।। ५ालं श्ल खश्चिमूंश्वांश्व ७ष्ट छिष नििरिग्ङ्गाऽगडिद्र भूर्ल जर्षी२९डेरचद्ध ह* बछि* श३आश्नि बनिक भइकिल दब बक cनरे नक्इ श्रेरच्रे गिचित्र गन्wwक बांकनन(श विछिद्र ऋषत्र गूजाe अनिल नि। XIII • डीि बोक्च्थ्खिद्र गिनिनि जेइ न भच्चीउ उदकी4। अशंब BDDHHHH DB BDD BDS BDBD DDD DDDDDSDDDDD DDDDS cरप्रन चनीनरनन उभकन्ट्रोवक्रभवानी छब्रिक“ब्रिवाइक“लांबकश्नDD BBBB DDBBBBBBB BD DDDDD DDBBBSBBDDS शबिजिब००•शठक१ &ष१ *ङ्गरमचंद्र *मलवसिपॉन गूकॅनडकमषणचा•••••••••••• 4ष१ महांब्रांजाषिब्रांछ *ङ्गरमचब्र•०००००णानननीtनन cखोजक डूईब्रबिझछांकूरबार्मिष्ठ ...তের ভূজ্যতে।” (Fleet's Inscriptions of the Gupta Kings, p. 217.) যেখানে উক্ত শিলালিপি আছে, সেই গ্রামে গত ১৮৮ খৃষ্ঠানাে গ্র্যস্তৰविन् कनिश्शव नोtश्च निहहिरणब । वग्नई जां-छोरीब्र दिवा, फिनि छषाब्र SDS DD DDDY DDB BDDDDS BBDD GGGG DDDSBuG DHDDE कमिशन् नiप्रकक बांनाश्ब्रांश्लिन cष, ब्रांज पक्रम ७शप्नब्र नूर्कभूकच८क ९s पनि cबोल्न (aाद्र २९००० दिप ब)ि नाम कब्रिक्षिणम । cडोजपूत्र ब्रज फेबङ्गानिष्प्रब्र ममग्र श्रृंईड १* cभौबारे मे ब्रांक्रषदश्लद्र चक्किीtब्र हिल, vtब्र छबाब्रनिएशद्र cनौज कूजांब्र निश् अन्नमेिन हरेल * नकल जमेिं कांग्रजहांछ कग्निब्र जूनणबांनष्क कियक कक्रिब्रkइन । (Cunningham's Archaeological Survey Reports, Vol. xwl. p. 65.) अथनe tनeदब्रनाक लाककै नै बांक्र+ब पान ब्रश्-ि ब्रॉइ । *पॉन अपाष चारह, ब्रांज इरनांव चैौत्र कूरबीनबूलद्र अछ भाँकईौनै अवनतििक्रक निर्ऋत्र चांनान करग्रन् । - . ... • ? AG. 鄒