পাতা:বিশ্বকোষ দ্বাদশ খণ্ড.djvu/৩০৩

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Wõ ' - て एकिा काक्रुक देशांब्रां गरि७ अमिक् बिज्र . डtव कषः कश्रिङ •i८ब्र, क्रुि चांमैो कईक निदिक श३tन ठाशद्रां ऊांशंद्र औब्र •गश्डि नखांदन कब्रिएव न । निश्रुि रहेब्र७ ८ष मैक्र" कथा कप्र, डांशंद्र ७क शद4 न७ श्रेटव । পূৰ্ব্বে যে ৰিধি হইল, উছ নট, নর্তক, কি ভার্ধ্যোপ, জীৱী নীচলোকদিগের স্ত্রী সম্বন্ধে খাটিবে না। তথাপি ঐ जक्ग ८गाएकद्र बौद्र गरिउ या बानौव्र नश्डि ८गोश्वय्न बाझिल्लाद्रकर्डीब्र किक्षि९ व७ श्रेtव । अकांभा कछ| श्रृंभन कब्रिहण नछt.*ांग्रेौग्निक प्र७ हरे८श । शभांनछाडौह अकांमाँ क्छtभंभएन श्राग्नौब्रिक घ७ नाहे । অপকৃষ্ট জাতীয় স্ত্রীলোক যদি আপন অপেক্ষা উৎকৃষ্ট জাতীয় भूकश्एक उछन। कप्ञ, उाश श्रेष्ण फेशब्र किङ्कुरे न७ श्रेष्व না। ষে পুরুষ দর্প করিয়া বলপূর্বক সমান জাতীয় পরস্ত্রীয় ८१निtड अश्रूणि धरक्र* क्रब्र, उांशद्र उ९मभा९ अश्रूणिषब्र (इझ कब्रिtङ इहेcद gव१ ७• • *ठ*१ अर्थन७ इहेष्व । সকাম সমানজাতীয় স্ত্রীতে যদি ঐৰূপ মঙ্গুলি প্রক্ষেপ रुtब्र, डांश श्रे८ण उांशद्र अछूणि ८इन शहेtद न । क्रूि श्रङाभिख् िनिदांग्रन छछ झहे *उ *१ ल७ रुहेtब । श्राव्र पनि কোন কন্যা অন্ত কস্তাকে অঙ্গুলি প্রক্ষেপ দ্বারা নষ্ট করে, ठांश श्tण डांझांद्र कुरें★ष्ठ** म७ इहे८६ ७१९ दि७१ त्क ७ ग¥एरुङ झ्हेप्त । ‘स्टेछ र क्छ२ या कूपैit९ उशः शांनिभtठांनमः । শুষ্কঞ্চ দ্বিগুণং দদ্যাং শিক্ষাশ্চৈবা দ্বাদশ ॥’ (মন্ত্র ৮ং৬৯) शनि बग्नक जैी रूछ:क $क्रप्श नहे एरब, डांशत्र मण्कू মুণ্ডিতক্টরিয়া অঙ্গুলি ছেদন করিবে এবং গর্দতে, চড়াইয় *ाँलमांtर्श ठेइएक उभ१ कब्राहेtङ ह३८रु । शनिष्णां८कब्र कछ। ७ई अप्**अश्रद! ८मोनार्दीभtन भख इहेब्र! cष क्लौएनांक निछ

  • ठि*ब्रिङT१ कब्रिब्र! *ब्रशूझrय अभन करद्र, उांशtफ दए. "

লোক সমাজে লইয়া গিয়া কুকুর দিয়া খাওয়াইৰে। পাপকারী अग्नि भूझश्tक ठशृं ८णोश्भग्न श्रृंग्रहन *ब्रांन कब्राहेब्रां मांह कद्विार, शारु९ मै *ांगिई छप्रगाँ९ मा श्छ, ठांद९ कोई rमांन *विप्र । ७कदाब्र म७िर्ड श्रेष्ठा भूनर्सीब ब९नब्राडौष्ठ इनि **शै'भमनtनारद जूबिउ श्छ, डांश श्रेष्ग cनहे श्रडेब्र *७ हरेद । उठिाबाउ जैौ ७ काउनैिौ शैौश्रमान७ यै न७ ।। *क्ठिा वा श्रब्रक्रिडा षाकूरू, नूण विजाडोग्र औ शमन कब्रिtग **७ १भष्म भूष्अञ्च निनएलहन ७ नक्षपश्ब्रन न७ ७द१ उर्दू ঐতি ক্ষিত স্ত্রীগমনে ৰং ও সর্ববরণ ও হইৰে। বৈত ब्रिउि बोक्रनै अभन करत्न, फाश श्रेष्ण फाइब्र ७ कक्९णब्र ७ नक्षचरज५ म७ रशूव ཨཱ་ཝ༨ ऋबिग्र इनि भैङ्ग* } - [ . ఉse. ) बांची जबम क८, डांश श३tण उiशंद्र नश्व** न७ ● भ#ड नसं? मूबरtऋ* मखक भू७म हहै८ष । - दैवs ७ कजिब्र शनि बैंकांशैमा बांकगै श्रमम कtब्र, डांश श्रेछ ऽशबा भूजर९ ब७गैत्र रहेrर, अषर बर्ड व भद्रषांज्ञा ऽशनिभप्क भांझाश्डि कवित्र न६ कबारेप्र । वाच५ वरि प्रकिडा बांक्रगैरङ वणशूर्वक श्रमन क्दछ, उॉश श्रेरन बांक्रcभन्न नश्टष*१ न७, जांग्र नकांम अॉऋगै शंभtन ॐहाँञ्च *०० *१ न७ रहे८द । यां*ांखिक न७ न श्रेब्रां खात्राप्नब्र भषक्* भूषन म७ श्रेद । अांकन नकनभां★यूङ्ग हरेरण७ ठांशtरू जभरष्ठ शtनग्न नश्ङि भ्रक्रड श्रृंग्रैौtग्न मिर्झांनन कद्विरद । वर्छब्रभिङ क्रबिग्रां की श्रृंभन कब्रिtग ५द१ कबिग्न पनि भैऋ* ६वशजैौण्ड भन्नड श्छ, डांश शश्रण,भब्रक्रिङ बाकमैौभभरम ८ष न १ डेङtग्रब्रहे cनहे न७ श्हे८द । बाक्रण पनि ब्रक्रिडा क्रजिब्र! द ट्रैक्शा ौोभम करङ्ग, ७ोरु श्रेष्ण डाक्र८१च्न नश्व श्रंग भ७ इहेष्व। १वथ् पनि भब्रकिंठ कजिन्ना अभन कcन, डार হইলে ६वद्दशग्न १•भ१ न७ रहेप्प। कबि ६° गमन कप्णि अर्कडभूयदात्रा भखकमू७न, अर्थश * •• *ग न ७ श्रेष्व । अब्रक्रिङ| मज्जिघ्ना दां ऐक्शjशंभtन खांश्रtiब्र गझ्ट्ष ११ न ७ হইবে। চণ্ডালাদি স্ত্রীগমনেও ব্রাহ্মণের ঐ দওঁ। যে রাজার-' ब्रां८णा म७ छtब्र ८फ़ोर्दी, *ब्रज्ञैौ श्रभन, बांद्भांझपृ, गांश्न, म७°ांक्रषु धष्ट्रठि cकश्ञांछब्र१ करब्र नt, cगहे ब्रांअ ऐarতুল্য প্রভাবসম্পন্ন। কৰ্ম্মক্ষম ঋত্বিককে ষে যজমান অকারণ ত্যাগ করে এবং নির্দোষ যজমানকে যে পুরোহিত অকারণ পরিত্যাগ করে, এই উত্তয়েরই একশত পপ দও হইবে । “क्षक्जि१ बज्राजर् शाप्छा याणाक्षर् िऊारणशनि । अङ१ कश्हैिं डtuff७: भङ१ ५ड१ ॥” ( म्।। ५७५ ) পিতা, মতি, স্ত্রী ও পুত্র ইহাদের ীি পাতিতা না থাকে, অথচ মোহপূর্বক কেহ পরিত্যাগ করে, তাহাকে ৬•• পণ দগু করিবেম | ৰিজাতিদিগের গার্হস্থাদি আশ্রমঘটছ শাস্ত্রাঙ্গুষ্ঠান সম্বন্ধে युग्नि *ङ्गलग्न ¢कांन दिदांश् ६टप्ले, डांश्! इहेtण श्रांब्रश्ठिरूiभैी রাজা তৎক্ষণাং কোন দও স্থির করিবেন না। এই স্বলে যে যে প্রকার সন্ত্রমের যোগ্য, তাহাকে সেইরূপ, পূজা করি। गांख्न दांग्रl ठांशcमद्र.८क्लां८५ब्र उँ**म रूब्रिग्रा उचिनशtगब गांहांtशा थईदावश दूक्षाहेब्रा निtदन ।। ८कांन शृंश्ह मांनगिक कांtर्षf २० जन अांक्र१ cछांछन कब्रfहै८ऊ श्रैष्ण धष्ठिcरुनै अथवा उनमलग्नवउँौं अश्रद*ौ cठांजनांई उांचगट्टक जडिजब कहिब्रा अछ बांक५.cडांजन कक्रांन, डांश इहेन