পাতা:বিশ্বকোষ দ্বাদশ খণ্ড.djvu/৫০৭

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अत्र ५cब्राडांभ गरेब्रा रषन कागैब निकझे नकांठीब्रषउँौं शरश्द्रभूद्र अtन नैशहिष्णन, डैश्वन शज cश्फ्द्रकांभ ऋब्र शक्ति पूरुद्र जड यजउ श्रेष्ठ गांशिष्णन । "ब्र बिन | श्रीगाबद्र भूसी ब्रांज जबनिरर गटैगप्छ अभनब रहेश अझड़उ अर्दशग्न प्रजाऐनछ अजिम१ कब्रिtगन । लेशशष्णः कृखि भर मपूब निज ! डाभि कब्रिज उषन७ वांद्रभंड५झ रक्षा व उंiशंद्ध cननांनौदर्भ श्रारजांथांन कtब्रन नारे । अtछद्र क्षनक्षनांत्र छैtशंब्रां जाशिंद्र फेर्टिब्र cनषिtणन, गव इआहे.ा वृिद्गारश्,. ॐारांब नद्रङ्ग, ' कामांन ८भागांबांक्रम ५कुरूद्रश्नड, कठकखगि cगांक७ वनौ श्रेब्रांप्इ । उषन जाडू स्tग दिगष न, कब्रिब्रt cशtभtभ cनोकां८ब्रांश्र१ कहप्रक छन अष्ट्रकुब्रभाज गईब्रां प्रजां *गांब्रन कब्रिह्णन । डिनि বাজো গেলেন না, কাজেই সমস্ত দেশ দায়ার অধিকার बृङ श्रेष्ठ भनि । वीभित्क गद्देश ब्राब अनिश् आशाश डेभश्छुि श्रेtग, नांब्रां ऊांशनिर्भहरू नश्नरब्रव्र कडूर्किरक प्रादेश जानाहेrनन ५षर 'क्छकअप्नब थागरष७ क्रबर छर्नङ्ग झ्स्वरझश्न कब्रिग्न निप्णन । (६ निन मांब्रांशूझ प्रtणभांन ८*८क ७ ब्रांछ जघ्ननिश्रु प्रजांब्र न्निएक शंज क्रबन, ८गरे निरे माग्न ७कमण :नङ गद्देब्र। शशंद्रांछ १८नांवड निश्इ ७ कांतिम शै। नक्रिt१ यांबा क८ब्रन । अत्रत्र:बब ७ भूबांन नक्रिt१ कि कब्रिट्ठtइन ७ कि अवशांद्र बांtइन, डांशांब नश्यांन नl *ारेब्र! नांब्रा यकृङ अरइ! छामेिवtद्र स्रश्न ७कवांtब्र ५lहे कब्रभ यावहां कग्निtगन । भूब्रांनदङ्ग इनिं স্বাক্ষাৰাৰ अंब्रिडrtशं कब्रिग्नां ८कांन निरक अ4नद्र स्न, ठt६ छैशtरू अॉकयtगब्र डांब्र कांनिब रीब डे"ब्र (म९ब्रां श्रेग ७* शशब्रिांछ रुtशांरुरु श्रदश दूदिब्रां बादशा कग्निtबन ऍई क्लश्रृं हिग्न छ्हेग्रां नछनग अशन कब्रिन । देङिभूर्ल ६१नै ८शांशन गयाई भशंब्रांज षष्णांवtउद्र ब्रांथ अग्र করিতে অগ্রসর হইয়াছিলেন,সেই সময় যশোকু নিজ বলাবল विप्र नांद्राc*tकांग्र निक६ ८गांक भा?ाहेब्रl cशन ; ठाँशब्र गन्निब्र निकल्ले ८*ौहिम्नां नृमरष्ठ जानाहेtण नांब्रां ब्रॉणां८क शिश रुब्रिएक्ल धड़उ श्रेtगन। नञ्चाहे नांब्रां८क बूकैरेंबाँ *उक,ठिद्रश्नांद्र कठक श्रांचांग निम्न ७क श्रूज **ॉरेंगन । शरश्नादख *पद्मग्र दिखादाग्नक भर्भ दूकिंद्र अब्रि७ शैs ररेश प्राब्राई सेनांगना ठाॉश कtब्रन ७ ग्निर्जी ब्राथ *निरtरद्र नशब्रडांब्र गङ्गांtफ़ेब्र निक' भया थार्थ रन । गयाहे उँाइएक জাখস্ত করিয়া . আহ্মদাবাদে স্ববাজারী *नि कtब्रन ७११ उलझछ ७क कब्रभt१ ७ cषगां९**ाहेब्र ** । पब्रिl ७३ नषदग्न भांणवृ धtननं निज दएनं ब्रांविब्र t **१ ] দায়ীশেকে{ डांशज नमष ब्रांबच शाब्र गडश्नtभद्र ८वउनानि ठूकारेब नि। उशिशिरस्-शब्ो विग्गन ५१५ ७ीशङ्गt७ बागश्रङ्ग १नग्नज्जानि थिग्न भाष्कर्षबिउ श्हेब्र! यछूकrई फे९णाश् अक्ष कब्रिाउ गागि। रेडियर मात्रttभएका चबूत्रप्थप्रब डेकौग रेनारद१८क बनी रूबिज्ञा उांशत्र बा?ी न्? कtबन । ७निएक बूबांश बन्न जांक्रशांदांश्न निज नांtभे पूजा अल्नन कब्रिज ७ ५९वा भltiद्र आरक्नं निब पाशैनड़ भरगवन कब्रिब्राहे धांजांभांबांब नांमरू ७कजन ८षांबांग्र अशैौरन ५क नग 8नछ ***ॉरेंद्र प्रब्रांtफ़ेब्र छूर्भ अषिकांब्र करद्रन 4द९ बनtब्रब्र जबर्ड बनिtकङ्ग निकछे ** नक्र छैॉक मांरी के८ब्रन । भtनक ठर्क दिउtरुद्र *ब्र •दमिक् मग ७ गझ फेॉक रिङ दौङ्गठ झ्द्र । o o ७नेि८क मुर्थन पत्रद्रनtअसू छाँकब्राँदांम ७ कणान् ७धंzन* अब्र कब्रिब्रां विजांभूद्र अवtब्रt५ कब्रिड्रां श्रिणन, cनहे नभद्र जजा भाश्बोशंन् भौब्रङ्कन्गारक (फेन्नो९उँन्। नगाउन९डेन् कश्द्रि भूब्राजम भेंiहरू) उँशब्र गांशशांर्ष **ाहेब cमन ! शैव्रकूम्गां७ उँाशंच्न गरिउ ७क्भज्र श्रेय कार्य क्tजन । भागम्रीव्र नाबाग्न भएउ गाड्नुभएको ७हे गय cभाप्न विजांभूब्रभठि श्रानिण पॅ ७ ॐांशंद्र अछांछ जांमौग्न ४भद्रां८क अब्रवtजट्वद्र कथामउ कॉर्षी कब्रिटङ निरक्ष कब्रिग्रा गज " लि८५न । देशांtउ rअंग्न श्रृंहेिब्र पञांतिगनां अग्नत्राणद८क अक्षांश रुब्रिाउ नाशिरगन । देशंद्र *ब्र नाब्रl श्रद्रनtणद८क बगरौन कब्रिबन्धि जघ्र नंबाहेक बि मौबक्न्गाप्रु गरेनप्छ जांॐांद्र किब्रिप्र णांनिष्ठ मांtन* cन७ब्रादे८णन । गौबक्लग डाइजात्र आश्नावात्मग्र भtष गरेनन्छ ििप्ङ ७ञ्चऊ रद्देश्णन । भग्ननप्णब ८णाtईद्र cकोश्वण पूरिङ. श्रीरृि८णन ५११ डिनि७ ५ गभ:घ्र नौकूिश्णtब्र न[श्र श्रुतःि। ८गनाश्रउिएक बूश्९ ८ननानण गईद्रा আগ্রীয় জ্যেষ্ঠের পক্ষে शकिएउ cनsा यूखिन्नत्रउ ८वाष'कब्रिएगन न। ठिनि मांलग्न ॐद्र ८को*ग cषणिtगन, *५ शहैrउ गैौब्रकूभूणां८क इ#९ बनौ कब्रिग्रा cमोगठांबांtनब्र' श्tर्श ब्रांषिग्र, निरगन । औद्रकुमगाद्र ५म भश्त्रक आनैौन १ ७है नमप्य नद्रवाप्न भौब्रबढ्गै *tन निगूड शिगन । मात्र औद्रक्षनाएक बबी कब्रांद्र नश्वांन *रेिदांभांश भौम भैi८क बन्यौ कब्रिएणन, किढ़७४ किन भtद्र शर्षांर्ष पप्लेन अबगठ श्रेब्रां ॐीशटक भूङ क्tबन । (रेनाcवड बॅब निषिङ)**ारचाशन्नानाब" भाङ, रेशद्र किङ्ग भू# आनिग पॅब्रि शृङ्गा रब ७ ॐांशद्र गूज मबहग ३णांश् िछेउब्रांषिकांग्रैौ निर्गेौठ रन। भद्रनtजब ७रे गमद्र भैं। जांशन् गांtद्रषां भै नायक ॐांशंद्र मांडूण भूव८क