পাতা:কবিরঞ্জন রামপ্রসাদ সেনের গ্রন্থাবলী.djvu/১৭

উইকিসংকলন থেকে
পরিভ্রমণে ঝাঁপ দিন অনুসন্ধানে ঝাঁপ দিন
এই পাতাটির মুদ্রণ সংশোধন করা প্রয়োজন।


विकृष्ट्रमन्न । t శ్రీ ुं शश् ृश्ट आँ्छ्छंश् चfन्त्रं । फचलििख डराइ गश्च् मुश् कृ... । क्लो श्राद्देश ह्वान नूरा छाश stक उद । 挚事翡粤莓糖枚曹噶顺博斯霄曾前 शङ्काकद मा३ को कच्छा नङ्ग्रश्न । नभ-बङ्गारूड श्राह्छ tन नष्ट्रज चूड * अरूि छु ’म ऋएक्ल अष्ट्रेभन्न ८म भैोह्र ! कछवशभूहः क्रि***** {****नथईौह s? क८4 छभि क#प्रझाशीही दृव्हरक कrइ t চক্ষ কৰি ৰুফলাম্ব নুশৰোগ্য মsে a . fपञ्च##"छ ऋj¥ः fक इछ्:म इं★ कहाँ ? *धt atं श्} *श्च fof* शंश्; ।। 'झक्कै मङ्गाञ्चक मि ११ कोोभूट्स पाश् । " छक्कीक्ल वैंकक छ श्रृथक्के झर्दै क्रोश अहधts ***** vझडू tन cडवाश अध्ख हेक्षिकभ* नकश भाडाइ ॥ कर्ष कrछ छ** श्रकिक वथ शुध ? sऋ करइ श्लभ छडश रिदूथ ॥ काँडद डनब! कtझ $िरश्मि कूदt t बनज रुक्लई fबद्-रक्tबत भ्रषी ॥ মাস। ফন্থে পঞ্জী মে ক্ষকজঞ্চস্থfপ t aवt♚बद्ध झाँकक¥इ ब्ल:चं****द्रौ* * [* डt● अक:श जॉखी कtछ कtछ थींश् ? कs tशय लग चांfनभtअ हैऋी दह बै क्ने शुक्ल विधा भएछ भड; कहि चा३ि ! tडीबद अंश्कट्रिक दङ इहैं अश्लभfधेरै ॥ • अ३िण यिकwके छह बै १fरुtश नूम है। बपूनक बब डुन् ऋक्ष करक कौड़ा । *भर्थfब बाँदनी-दार झाच छिटश डेौड़1 * कि लर्ण गकिलो एक क्लबमार्की को । चविsrरु को कभ पृथि हाछकका ॥ भाकिर छिख्रस्त 1tष भाद्यारेका शब्द। अगून कश्रि६ १iन शश कांची चर". 率* बानिन्रीब्र शहेनद्रिध्द्र । । 奪 धपुक्क छ बरिकह्र झोप्छ रिछ फ्रैंक । हेछादित्रा झारख aिrरू ब्रूश्व करश बैंiरू * छä हिअ *दनfल इशे हिल gथकी ? श्रयन्tड बूकरक हालांब ब्राहे निकि ॥ बाहेबांग्लब *ाहैश्ञांध कीड़काभ्रे बढ़ ॥ किबिrश बक्किडश cधारक *अन्न हछ ॥ डtख करके बनू बाँकि fछब $का थारक ! ड्ररथ झ्थ जस इलथा श्रिद्ध ि८खाथररू ? जfäङ्कळ जब वड कद चांक कि । श् छेt of॥ ृष्टशि ्।। ८श्च f५। * *क छैों की भtदश्चjद्ध ब्रह अदtश्वर । fडमिणांथ डxह शनि छेभभूछ cथश् ? छे°हाब्रवदा डिकू किमी भाँड़ ब्राह । झ; डकड1 wड़ेब्राम ८डग्निमीद ? हे s डाe ढूंकि इटश्च नएर निरू हरू माङ । খুদ খায় লেখাজোখ বড়ই উৎপাত । कूीन कfह चाहे ब्राहे दृशथी ज़िंक ईथरक ? केकक नबड़ sछ कम माझेि *न ॥ नैकरूकी शक्ति दांचू थfी माई बृहे । अङाद भी कर कम नबtश्रण छूहेि ॥ * $ाकनिकी ८कtन् दक कछ काञ थt६ ।। रिकॉनचाछ की क'tर aछ कर्छ द३ ई भूज्ञ्चिलाएण अड भबिस्त्रान्त ल्याइँ । इदूtञ aशन मॉश् िछtरु दूष काई है। किfक कईभिदि विजfहेज ईश्छबt tझ्न ? dशिशोश् एकांश्च *क्षrच ब! नििश् {श्ब ॥ बहे ८२ cडांशद थानैौ cवरिष बरछ हेही । tक भार" ह्णरङ रूोड दीt* बाषी इो ॥ गूझtदह को १ कोtझे क्रड कसि शैडn ॥ शैकि छिा झोकि कृएरू भाद्र करद किड़ा । छ्वट्स कॉर्नश कट्टह चाँकि ** tङ्गाँच्च ! झाडूरौ रूहि बाने कछि पाइ cवाच ॥ काँवै क्रल झfक श्रृंहॆश्वह् िक्ड़ इच । धरब पt७ वीथीं थीe ●करध्रह दूध ॥ हौहाँ दरअ चट्टद बाँहः छtथ दोस्रे कि } झ शाबि कि करद cबारक्त जुणडिश कि छ ।’ दिदत करिब शैश मण जर नाणि ।