পাতা:প্রবাসী (ঊনত্রিংশ ভাগ, দ্বিতীয় খণ্ড).djvu/৫৮৯

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কলাবিদ্যা जांब शृंशिरौौब्र मर्दिछले प्रांछूtवङ्ग निtछब्र अtनब्र गtब ठांब्र बिरजब tडब्रि कट्टणब्र नाश्चाठिक जक्लांझे cवtष cनरफ़ ॥ थांध्रप्वब्र काबहॉर्षी श८षा छांब्र ऋबश्र चांकब्र ८कांशt७ जांब tघथवांब्र cख1cनले, ज#जरे कgलङ्ग छो• । ५३ कएलङ्ग अशुठिभएुद्ध अरब] cकोषte जीब्र क्रोएछन cब* । प्रजङठl aष९ छविषांद्र यालांडरन भाषूब ७ चौकांद्र क"tब्र निरन्नts-cगरे यrजांडरन भाव्रष निtaब्र ऋना कईस्प्क निtछब्र एडेनस्टिक जर्चौकांद्र कब्रtफ़ ॥“शब्रtवश्छौदौ गब्रांविठ (parasite) औष tगमन चांशीन ऍप्रायललि हांब्रांब्र, कलांथिष्ठ बांधूब cठबनि भरनद्र ब्रचिां★जा हांब्रांटाक, ७tब्र बिठायावहांtब्रइ नांशैौरङ छांब जांशन cगौचर्गltवांशtक य८ग्रांनं कबूवांद्र चाछांतिक छात्र निखौंद अणन हtब्र ३ोUप्ले ? छूबां*ीब्र मङण्ठांब cनहे ब्राक्लिषांङज्ञानांनंक बङ्ग हांeग्न छांबउवशैग्न निब्रखणिरक नवरे थांब बडे करबछ। वह दूत्रब्र बछान cष tनशून) ७९कर्षणाच् करब, ●कबांब बहे शय्ण कद्रयान क्छि जून श्छि cद tबनूनTएक जांब्र किरद्र शांबांब्र ब्रांचा cब३, भांकूरषब्र cनदे झूर्णछ नांभशौ जोमब्र! &थांब्र हॉब्रिtछ वtणझेि 1••• ब इ"क, tष बाबहांtब्रङ्ग cऋज कtजब्र कांटइ भांछूरषब्र ब्राष्ठेिब्र गब्रांडव नश्रख् शृषिको बूढ़ पछि cनषांप्न छांब्रष्ठवर्ष निकृछि भारत ●यब जांची कब्रि cन । cवषोप्न श्रtनंrब्र शt cनथांप्व सांगिंजjजचौब्र हांध्ठ tगौचर्षणञ्चोब्र, कानब्र शांप्ठ कणांब्र जशत्रांम वर्डबांन बूनद्र ললাটে লেখা আছে। মাগুৰ জাপন অন্তরতম ইচ্ছাকে ভালবাসাকে শুধু কেবল জ্ঞাপন वjवहोरम्ब्र अtवjब्र अरषारे ●यकांनं क८ब्र छ। नग्न, डांइ मजौड, ७iब्र छिंजकल 4ड़े aथकtt*ङ्ग यशांन सांख्न ॥ ७ब्र शांब्रt३ cण* यां★नि ७ड८ब्रब्र जांtष*८क वीहिtङ्ग क्लन् मांन कट्टङ्ग 4न६ छtरक फ़ेिब्रखन क'८ब्र छैछड़कt(जङ्ग होए७ गझर्ने क"एब्र थोम्न । जॉबूरषद्र बूकवृखि *प्रब aककै खिबिष छोडिविप्नप्ष बांब ठांबठञ] जांtछ किखु &कांब्रtछद्र cबड़े ॥ बूडिब्ल बिग्नम नकल tबालके जबांब l... অতএৰ বুদ্ধিবৃত্তমূলৰ ষে শিক্ষায়ুরোপ পৃথিবীকে দিচ্ছে তা সৰ্ব্বত্র बक हरबकै । किरू शमग्नवृखिब्र चांब्री भांछ्व जांभन वस्क्टिक अकांचं क८ब्र । * दाखिएस्ब बछिजा शांकूटवह ; थांब्र शांकड़े tअग्न। 4 (क अडे कब्र आकाइआ कब्रांबरें मांबिज । अरें शक्ग्रवृखिब्र अकां* रूजांविशांद्र जाहीरशाऊँ वै । गछा जनछ जकज (मरणश् ●हे जकल कणोंदिछTांब्र BCC DBB BBDD DDD DDDDS BBDD DBDD DDDSDDDD DDDDD LL DDDBB BBBD DD BBS DD DDDDD D HBBBS BDD DBB GCBD BBBB DD BBD BBDD মন হতে চ'লে গেচে । अङ्ग चक्षांन कांब्र१, चांबांटगब्र cनtनंब्र विका चलांtदब्र जळूछब्र। हेशrब्रछि निषण छांकड्रौ शहर व ब्रांडनचांट्नद्र इवांभं पोtष, कब्रिtङ्गब्र अरे मरनांबषं चांबांप्नब cऋतंब दिशांरक छांजन कबूछ । रेशाब उ अंश इभान देडिशन भउि विजान जो तििथ छ बांब डांब्र नाज भट्टछ नश्रौष्ठ फ़ेिबरूण ७ जड़iछ नकण कजांविघrtरै निषtछ। 4ारे नकल जजिङकण1 चिंक्र बांद्रां छांब cनौब्रय शर्क हtछ अनन यभांन इह न । गऔठबिनून ब"tण जां★ीबबांछि जब्बष्ठांननांद्र অলস ৰবিজ্ঞানচর্চায় পিছপাও, একথা কে বলবে ? বন্ডত আনন্দ éकांनं औषनी-*छिद्र ●बजठांब्रहै &यकां* |००० जांबांटमब्र ८भएवंब्र चिंकांब्र ऋषा ¢३ tश नीब्रिज, छीघ्र जक-१७ कण जांभांtबब्र भाछिबिारूद्धtबब्र बांजकtजब भाषा७ cवषtठ *केि । 4षांनकांब विशांजtछ जबौड ७ फ़िजविशl cनथांबांब छाण वादइरेि थोtइ । ८इtजटाङ्ग जानाकब्रड़े श्रीन भाहेशांक, इक् िचांकूवाब्र चांडाविक *छि षांटक । बडक्नि डांब्रा नौछद्र क्लांटन ग८फ़ ठष्ठनिन खाध्षत्र श्रीन श्री७नां श! इरेि च'बिका।। ८१५ांीनं खरः एव न, वट्ख ङांब्र' चोनक्षरै cवांष रूtब्र । किड़ छैश्रtब्रङ्ग क्लांप्न छ# बांबांज जोमांtषब cगए** निकांब्र णका लांब्री बूख rठ गोप्द्र, ठांब अखनिश्ठि शैनड ठांप्नब्र छांधणं क८ङ्ग १००० बांगjकांण हtठरे जांबांटमब्र छह मक्थंनttग्नब्र cजांरकब्रt dरैक्कर कजांविशांब्र गरषष हrठ पूब थांकन । अप्ठ cषप्तब्र cष कठ रफ़ कठि श्रछ ठा थव्रणव कबूतांब्र नंङि गर्दछ ॐांब्र! शांब्रिrञ cक्ष्णन । কিছুদিন হ’ভে যুরোপের চিত্রকলার নকল ছেড়ে দিয়ে আমাদের cषप्नब्र ७कमल छिबकङ्ग छांब्रडॅौब्र छिंबकलांब जत्रूणब्र१ कब्रtठ यवृउ एकाग्नय5ब् ॥ थांब्र नबौष्ठद्र इठिद्र रूषा अकबांब cच्tर (मथ शांकू । कण? ব'লেৰে কাংস্ত-ক্ৰেক্ষার-আকৃত অত্যাচারকে আমরা পাড়ায় পাড়ায় गऔठ द'प्ल चौकांब क"tब्र निtग्नछि छtब्र भठ वरॅब्रडl थांब्र किङ्करें tबरें ॥ छांब्रटौब्र गर्छीtडब्र थां* ७८ठ छ cब३३, wडांब्र *८ब्र ४५८क बगि जांमब्र ब्रूरबानीब्र गऔरठब नकल वप्न कब्रन कब्रि उrष cन७ 4कछे अछि अछांग्न जाँले८षण I विवांहणछांग्न ७ ciछांषांखांब्र शांt७ब्र गरज व्षॆांबांडेंटग्नब्र बांक जांगिtब्र टिग्न गर्छौtएछद्र tश अङ्ीमांज्ञैौ शांशांब्र वांविtछ cमeब्रांक छै९णzबन्न जश्च ब"रण जांभब्रां अरब कब्बि cन कि ८कांटबांभटङई जखवणब्र ह"ठ शनि गजौष्ठकलांब्र यछि चांत्रांप्नब किङ्कभांज प्रब्रश षांकूछ । tनानंङ्ग छैtषांशtबङ्ग कष जांबब्रl जांखकांज भकिॉरें व'tण षांकि । भद्रब कबि cनके छंटबांथन ८कक्ज ब्रांझेबडिक थांtनांजमनछांद्र । जर्षीं९ ८कराल जलांटबद्ध बमटब, पब्रिटयङ्ग &थांर्षवांश्च ॥ ●के जांबांटनम्न प्रजांनष्ठ छिकूकटाङ्ग जांबद्रां फूरज त्रिtा,ि cषषांrन cषानज्ञ थांगम गच्णन बिहिष्ठ cनकेषांtनहे cनटनंब्र बांशन cऔब्रव मइद्ध जांtइ ॥ tगरे अन्छन षष्ठश् छेक्षांछि हटष जांबांtवद्र cर्नाबद्दषङ्ग उठरे छैtषांशन हरव। HHHD DD DDBBD mBBD DDBB BHHD BBH DDD DD गबौदृङब्र हॉफ़tनाङ्ग-छांछ ●क$1विक्रन बTांगांध्द्रब्र चांद्र जन्लघ्र हटव बा । जांब जांबांप्रब cगप्नब निक्लोनिङ जचौरक नूडन जांबांश्य कारण भनिtब्रब छांटब cष जाणूशन श्रीकूटछ हदष छांब छिबाहेब कि जर्वानि इ'cछ नरअर क"टद्र थांबूत ? (বিচিত্র, কান্তিক ১৩৩৬) वैब्ररीौष्कानां *द्भूिव