পাতা:প্রবাসী (ঊনত্রিংশ ভাগ, দ্বিতীয় খণ্ড).djvu/৪১৭

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به ۹ می ് ു গোবিন্দদাস কবিরাজ tपपृक्नांहिष्ठ cनांविन्वषांन जांtन वह कवि हिटणन । ब्राँषांटबांहनं #ांडूब चौद्र गवन१थंहजइ णशांवृख्नबूबब्र अकांब्र कलकखणि गप्प्रब्र &यकुछ vषकर्डांब्र बांब खेtजर्ष कब्रिब्रांtइव । वडeजिदे cनांक्मिणांन थांकूक बt cकब-cनांविणपणांन-कविब्रांज बांtब अकबब बांज कवि हिानव अष९ डिनिरे cष cत्राषिपबांग-छनेिछ-दूल बबपूजी छांदांद्र जिथिङ जषेिकtश्नं ●ष६ cब* नक्छणिञ्च ब्रछब्रिछ, हेहां८छ ८कांब७ गट पर बांरे अवर 4ाषांच९. हिज७ बां । ऐबि cषांक्लच नखांचीव्र बषालांटन बर्कबांब cजजांब ♚थ७ जांबक अंitब जम्राजह* कद्दब्रब ; 4ष९ कुक-जीज-क्षिब्रक वह वह इणजिउ शक ब्रध्ना कब्रिब्र पठ९कांजीव वत्रीत करित्रानंब्र नैर्षइांव बषिकांब कtब्रन । वृन्वांबनइ cऔक्लीब्र ६षकक्नवांब ऎरांब कविप्रुद्र नबूक्लिफ नमांनब कबिब्रां हैहांटक थनछगांवाबन कविब्रांज छ”riषिटड इषिड कटान ॥“ , नचथठि बांबांजी भांनिकनटखब्र जांनtब्र वत्रीब्र-नांहिष्ठा--ब्रिद९ इहेरठ यांब्र जिनं वक्ष्णब्र जूटकर्ष eथकांनिष्ठ विकTांशंछि-लजांबजौब्र नच्णानक ॐबूख बtनवमाष उख वहांनब्र ●हे cनोविगषांन-कविब्रांबद्दक DDDDDDD DD BD DD DDD DDDD DDD DDY गोरेब्रांप्इन ।। 4श् नषष्क छैiहांब्र किडू छखि ७छ,छ कब्रिटङहि । “६षकक्-कविछांब्र ८ष कब्रछब cनांविन्वशांन बांटब गङ्ग-ब्रछग्निष्ट चांtइन, छांशांtवब्र भएषा ५कखब यषांन। ऎशय्क कविब्रांज अथवा कशैछ बजिब्रॉ जांभब्रां बांनि । किड ठिनि cष बांबांजी बटरन, विविजांबांनॆी, cन कषी अखि जब्रटलांकहे छttब ।। “कविब्रांत्र बणिध्ठ बछ दूतांब, अरे लिखिब छेणब cत्रोविन्वषांन tवषाबांउँौद्र अष्ट्रभांन कब्रिब्र जरबरक दहांब्र वांनशांब, वरन यकृछि mmm DDDDD S LLLL LgBDDDHH DDD DDD BBD DDDD कवि श्रिणब कि बाँ, tण विकांटा यवृड़ ह*बांब यहब्रांञ्जन बॉरें ॥""

    • -4है कविं कविब्रांa cजांविन्दकांण बांटम थनिक । कविब्रांछ हैहांछ छांङिङ्ग श्रृंब्रिछब्र जिक्कांछ कब्रिग्ना हैहांब बिंबांगङ्गांब खॐयांब cखजांब्र ●ष७ बिगैंड हऐब्रांप्इ अष९ cरु षषादशप्तं ऎहांद्र अञ्च, एछांहांख जिविड ह्हेंब्रt८इ *

नtनवबांबू तयू cनाषिचनांन-कपिब्रांप्बद्ध tबषिणच यठिणांश्म कब्रिघ्नां जखडे बrहन, फिबि चैष७वांनी बांबांजौ &थकुछ cनांविन्यजांनकदिब्रांप्छब्र भेडिहांनिकरु छैछ्रांड़ेब्रl क्टिछ छांटरुन । कैथखशांनी ●चकृष्ठ cत्रोविचकांन-कदिब्रांप्जब्र गब्रिछद्र ७ ॐांहांब औषtनम्न जानक घल्लेन खख्रिब्रङ्गांकब्र, जtब्राउबविजांन, caवविजॉन &यङ्कछि चांभांनिक ध्वकप जtइ छल्लिविठ जां८इ : बब६ cनांदिनकांन-कविब्रांज बिबकुछ नर्छौछ बांधव नाप्नेtक बिद्दछब्र 4श्वर बांक ब्रांधकप्छब्र *ब्रिध्नग्न ब्रिां त्रिब्रां८इब । इछब्रॉ१ ॐांहांब वेछिड्रॉनिकच बककषांच्च डक्लांदेब्र cनeब्रां बूकिबांध्वब कांछ इश्व बां । बप्नववांबू निषिब्रांप्इन, “अरे कवि कविब्रांज cत्रोविन्दवान बांटब *निक। करिबांब देशांब जाठिब गब्रिहग्न निकांड कब्रिडा देहांब्र মিৰাদান বর্ধমান জেলার এখও দিীত বইগছে এবং যে বৈাংশে हैहांब खछ, खांहां७ जिविल इंदेघ्रांटछ ॥" tवकक्नांहिटछा वैहिांक किङ्कबांब७ लांब चांzइ, डिनि जांटवन ¢द, यिपछदांनी cनोविन्पषांन, जषिकांरचं *कविद्वांब’ व ‘करीोछ"ब्र बख चधशनिक स्थलांविदांईौ श्रिनन गा ॥ ऎरांब करिस्पखि ७ दिछांक्खांद्र भूक हश्ब्र बैऔष ●यभूष बुचांदबइ tषकर cनांचांवि-नबांख हैहांटक ‘कदिब्रांज' खेviषेि बरांश्च केव - .. cनांविव बैब्रांमध्खांबूज खखिबब्र ॥ शृंitच रिणि। ग् िजेष 4वंश्णश्च ॥ aबीर-जांकवांष-चांकि इचाक्ष्व । शबबांबविठ बांब नैठांवृङ गांव । कविज्ञांब पrांछि नटव किंtजन छषांरे । কত মাৰা কৈল লোকে স্ৰজৰ গোসাকি । -(खडिबझांकब्र, दरबबनूद्र, रिडीब्र गरकब५, १६ ७४ ) *३इांदब cनोविचमांग कबिब्रां८छब्र किहू गeकिख शब्रिछब्र cषखम्नां कéवा ॥ cनादिचकांन श्लेभेन्न cदांछनं नष्ठांचौब्र नषाखांप्न यांइछ्ठ इन । हांब्र निष्ठ छिब्र♚ौर cनब वैtछ७छtषट्क्द्र अकछम विनिहे छख झिटजब ॥ हैहांब्र थांकिब बांनइॉन हिज छांशैब्रर्षौडौब्रवडौ कूश्रांब्रमनंब्र अांत्र । केनि वेथ७वांनौ &यनिक कवि ● गठिप्छ मां८षांवब्र cनटबब्र अकबांज कछ छ्घव्यां८क विबांह कबिन्त्रां ॐषtखरे वनवांन कटबन । छषtग्न हैहांब इडेंtी नूबनडांब बच्चबह4 कदद्रम-ब्रांबछटा ७ cनोविन्च । cछाॐ ब्रांबळ्छ जठिनग्न इनूक्ष, शनछिष्ठ ७ एकदि श्रिजब, अष९ ॐखब्रकांप्ल छिबि ब्रांबध्टा कविबांब व तपू करिब्रांब DBD DBB DD S DBBD DDD DDD DBBB BBBBBBBS ७षब गषिभरष). अंiप्वांगोरख गूकबिबैठौcब्र जांगीन गांवृकब्र चैनिकांन चांsॉरीरक cवविब्रां ॐांशांद्र यडांप्व यूक इन वग१ नब्रबिहे छैiहांद्र बिकल्ले चांनिम्नां शैौक अझ्नं कट्टबब । बोनिबांण जांक्रांप्रीब्र नहिङ ब्रांबछटा बांबांटमणं बभ१ कब्रिब्रांझिरजब । बाब्रांखिम #ांकूरब्रब्र शनेि जलिग्नांच्चाँ बडू हिटणन । ब्रांशष्टा ७ cत्रांवेिन षषब निंत, ठथबड़े छैiहां८षङ्ग निकांब्र वृफू हछ । भांडांभtइब्र जांव्वान्न शांजिण्ठ हड़ेब्र, श्रृंtब्र éiहांब्रl t°फूक इॉन कूबांबनत्रय्द्र बांन कटबब, बद९ चाब्र७ गtब्र cङजिब्रां दूषन्नैौ जांtब ऐं?ग्राँ वांन । भांखांमह अंडि-8°ांगक झिtणव वजिब्रl ब्रांभछटा ●ब६ cनांविमe *खि-छेनांगक हऐब्रांहिरणन । cजjüब्र बकवठी cषषिञ्चां गटब्र छिनि वॆनिवांन जाछांzर्षञ्च बिंकल्ले शैक जहrठ शांगबा कब्रिtजब । जांकाई cषष्ठद्रौ बांदेषांद्र गtष बूषडौtङ जांनबन कहब्रन । उषब cनांविष कüन अहगै। cब्रांप्न छूत्रिाख्रश्म । जांsांदी छांशप्क इइ कब्राहेब्र! शैक ●धकांम कब्रिटजब । cणांविद्वन्यब बौ महांबांब्रl ७ शूज क्विानिश्र७ cनश्गरज tषकद-शैक जाछ कट्टबन । - cनांविदन्वत्र कविचनंख् िकर्नtन बोनिकांन चांछांर्षी ॐांहांटक कृकजौली वनि कब्रिटङ थांदनन कtब्रब । वांशक्ष cषांव cनौब्रजौज व विा कब्रिज्ञ निंब्रांटइव रुजिब्रl cनंiविश्वटक cजौब्रजील वर्षवाँ कब्रिटङ निएषष कहब्रन ॥ ♚बौष cनांचांबी अकृखि छैनंहांब कविड शांd